मिस्र के पूर्व उपराष्ट्रपति और अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) के पूर्व महानिदेशक मोहम्मद अलबरादई ने अमेरिका और यूरोप में इस्लाम और मुसलमानों के खिलाफ बढ़ती अपमानजनक बयानबाजी पर गंभीर चिंता जताई है।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, अलबरादई ने कहा कि अमेरिका और यूरोप में इस्लाम-विरोधी और मुस्लिम-विरोधी नीतियों को बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने यह भी चिंता जताई कि चुनावी अभियानों और आव्रजन नीतियों में मुसलमानों के खिलाफ भावनाओं का राजनीतिक फायदा उठाया जा रहा है।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपने संदेश में अलबरादई ने कहा कि दुनिया के करीब दो अरब मुसलमानों को अपमानजनक और अभूतपूर्व भाषा के जरिए निशाना बनाना केवल नफरत फैलाने वाला कदम नहीं है, बल्कि इससे दुनिया में गहरी विभाजनकारी स्थिति, सामाजिक एकता का टूटना और हिंसा बढ़ने का खतरा भी पैदा हो सकता है।
उन्होंने कहा, “ऐसा लगता है कि हम कभी इतिहास से सबक नहीं सीखते।”
अलबरादई का यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिका के मिशिगन राज्य में डेमोक्रेट उम्मीदवार अब्दुलरहमान अल-सईद को कथित तौर पर भेदभावपूर्ण हमलों का सामना करना पड़ रहा है।
विश्लेषकों के अनुसार, इन हमलों का उद्देश्य उन्हें “गैर-अमेरिकी” दिखाना और सरकारी पद के लिए अयोग्य साबित करना है। यह मामला ऐसे चुनावी मुकाबले के दौरान सामने आया है, जिसका परिणाम अमेरिकी सीनेट में बहुमत की स्थिति को प्रभावित कर सकता है।
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